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मिली साहा

Inspirational

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मिली साहा

Inspirational

कुछ दूर अभी अंँधियारा है

कुछ दूर अभी अंँधियारा है

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कुछ दूर अभी अंँधियारा है, पर तुम नहीं घबराना,

हिम्मत की मशाल जलाकर, अपनी राह ढूंँढ लेना,


अंँधेरे के उस पार रोशनी कर रही तुम्हारा इंतजार,

हर मुश्किल होगी पार बस खुद पर रखना ऐतबार,


ठहर जाओगे जो तुम आज यहांँ अंँधेरे से डर कर,

रह जाएगा ये भी मौका तुम्हारे हाथ से फिसलकर,


मिल जाए हार भी तो खुद को कमज़ोर न समझना,

तन हार भी जाए तुम्हारा तो मन से कभी ना हारना,


ज़िंदगी ने मौका दिया तुम्हें कामयाबी में बदल देना,

हार से घबराना ना तुम अपनी कोशिश ज़ारी रखना,


बार-बार गिरकर भी जो अपना हौसला नहीं खोते हैं,

संघर्षों की आग में तप कर वही तो सिकंदर बनते हैं,


कोई फूलों की सेज नहीं होती कामयाबी की राह में,

सफलता की तो चाबी ही होती है कांँटो की पनाह में,


कांँटो पर चलकर ही तो तुम सोना बनकर निखरोगे,

संघर्ष करके ही तो तुम अपनी शक्ति को पहचानोगे,


राह में मुश्किलें आती ही हैं, हमें मज़बूत बनाने को,

हिम्मत से आगे बढ़ो,कामयाबी खड़ी है खिलने को,


ख़्वाब पूरा हो न हो, आंँखों में सदैव जिंदा रहता है,

कामयाबी न भी मिले पर अनुभव ज़रूर मिलता है,


क्या मिलेगा क्या नहीं, विचार त्यागो अपने मन से,

जगत को अपने व़जूद का प्रमाण दो अपने कर्म से।



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