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Dr Mahima Singh

Inspirational

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Dr Mahima Singh

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कुछ भी असंभव नहीं

कुछ भी असंभव नहीं

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अगर तू ठान लें है सब कुछ संभव।

उठ भर हृदय में अटल इरादे

कर लक्ष्य का निर्धारण,

संधान कर अर्जुन सा।


कर तप भगीरथ सा सुफल होंगे 

तेरे हिमालय से मनोरथ।

रख धैर्य राघव सा होंगे सभी कर्म सफल।

भावना और लगन जो हो सच्ची

पानी पर तैरते पाषाण भी।


रह सजग कर जतन कर यतन

ऐसा क्या है इस जग में जो नहीं है संभव।

चल उठ खुद से ही तू रार कर।

हो लगन जो पक्की तो,

 मुख में रख लें सूर्य को 

बाल हनुमान सा तू भी।


कर हठ ऐसा पावन सा की 

यमराज भी हारे जैसे सारे सावित्री से।

कर अर्जन उत्कृष्ट ज्ञान पृथ्वीराज चौहान जैसा,

मारे नैन बिना ऐसा तीर करें जो दुश्मन को ढ़ेर।


है चाह सही हो राह सही फिर ऐसा क्या 

जो तू कर नहीं सकता।

इस जग ऐसा कुछ भी नहीं जो

असंभव बस मन को बांध मजबूत

अटल इरादों से मांझी ने काट पर्वत बना डाली राह।


देखो तो सही, सोचो तो सही सच्ची कोशिश तो करो,

सब कुछ एकदम संभव है

बस रख तू अंगद सा पांव धरा पर 

भर उड़ान कर लेगा तू भी पार सागर 

हनुमान सा।

बस ठान ले मान लें जान ले 

है सब कुछ यही अभी संभव 

नहीं कुछ भी ऐसा जो हो असंभव।


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