STORYMIRROR

manisha suman

Abstract

3  

manisha suman

Abstract

कठपुतली

कठपुतली

1 min
338

कठपुतली

एक डोर से बँधी

जीवन खेल


खीचें डोर को

चलती इशारों पे

हाथ किसी के


रचता खेल

बना कठपुतली

रंगमंच पे


उठा पर्दा को

सुख दुख रंग को 

नित दर्शाया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract