Daizy Lilani
Drama Action Classics
मथुरा जेल, रोहिणी तारा स्थित
आधी रात के अंधेरे में,
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म
जन्माष्टमी पूरे देश में,
बड़ी धूमधाम मनाई जाती।
मक्खन स्वाद और गोपियों रास,
मुख्खमंडल बृहमाण
कालिया नाग विजय धारित कृष्णा,
जन्माष्टमी दिवस दुनिया भर में विशेष।
रंगरसिया
कृष्णा
रंगबरसे
आज भी
हर
प्रीत
प्रायश्चित करता अनुरोध भी करता बुद्धि वक़्त ने मेरी हरी प्रायश्चित करता अनुरोध भी करता बुद्धि वक़्त ने मेरी हरी
फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ? फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ?
बचपन की शरारतें और यादें ऊर्जा से भर देती है l लड़कपन की इतराती, इठलाती यादें दिल को बचपन की शरारतें और यादें ऊर्जा से भर देती है l लड़कपन की इतराती, इठलाती यादे...
लिखे तेरे प्यार को मैं पढ़ रही थी खत लगाकर दिल से महसूस तुझे कर रही थी लिखे तेरे प्यार को मैं पढ़ रही थी खत लगाकर दिल से महसूस तुझे कर रही थी
गृहस्थी में तपस्वी तेज से ज्यादा है, तपन शीशे से ज्यादा नाजुक है, गृहस्थ जीवन गृहस्थी में तपस्वी तेज से ज्यादा है, तपन शीशे से ज्यादा नाजुक है, गृहस्थ जीवन
हक से लड़ना, रोना, चिल्लाना फिर एक दूसरे को माफ करना हक से लड़ना, रोना, चिल्लाना फिर एक दूसरे को माफ करना
मंज़िलों की ख्वाहिशें थीं, मंज़िलें बनती गईं, हम न टूटे, वो न टूटी, राहें भी बनती गईं। मंज़िलों की ख्वाहिशें थीं, मंज़िलें बनती गईं, हम न टूटे, वो न टूटी, राहें भी बनती ...
दुनिया में दया की कमी नहीं बस तुम्हें सबको अपना मानना चाहिए दुनिया में दया की कमी नहीं बस तुम्हें सबको अपना मानना चाहिए
बिगड़ी हुई आबोहवा ने, छीन लिया मीत प्यारा अब तो रोशनी में भी दिख न रहा, कोई हमारा बिगड़ी हुई आबोहवा ने, छीन लिया मीत प्यारा अब तो रोशनी में भी दिख न रहा, कोई हम...
घमंड हो गया जिसे बेशुमार दौलत पर आज, क्या पता कल वो किस का कर्ज़दार है। घमंड हो गया जिसे बेशुमार दौलत पर आज, क्या पता कल वो किस का कर्ज़दार है।
उस दिन होली थी और पुष्पमाला होली का उपहार थी। उस दिन होली थी और पुष्पमाला होली का उपहार थी।
रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ
चलाना पड़े चाहे ब्रह्मास्त्र भी कल जो चला न युद्ध में अभी कहीं। चलाना पड़े चाहे ब्रह्मास्त्र भी कल जो चला न युद्ध में अभी कहीं।
व्यर्थ का बोझ मत रख, अपने सिर पर जो लोग, रखते तुझ पर मित्र बुरी नजर व्यर्थ का बोझ मत रख, अपने सिर पर जो लोग, रखते तुझ पर मित्र बुरी नजर
रोग दोष, शोक संताप सबसे मिल जाती मुक्ति जो भक्त चुन लेता रास्ता इनकी भक्ति का। रोग दोष, शोक संताप सबसे मिल जाती मुक्ति जो भक्त चुन लेता रास्ता इनकी भक्ति का।
बढ़ चढ़ कर बड़ी बातें करते, हमसे बड़ा न और कोई है बढ़ चढ़ कर बड़ी बातें करते, हमसे बड़ा न और कोई है
रोज रोज भ्रष्टाचार के नये कीर्तिमान गढ़ रहे हैं रोज रोज भ्रष्टाचार के नये कीर्तिमान गढ़ रहे हैं
पुरवैया बहती थी जो मेरे घर के सामने ढूँढ रहीं नज़रें मेरी उस नीम की ठंडी छांव को। पुरवैया बहती थी जो मेरे घर के सामने ढूँढ रहीं नज़रें मेरी उस नीम की ठंडी छांव को।
उसके साथ का ख्वाब नहीं बस ख्वाबों में उसे देखना चाहूं , मेरा इश्क़ बस इतना सा है । उसके साथ का ख्वाब नहीं बस ख्वाबों में उसे देखना चाहूं , मेरा इश्क़ बस इतना सा...
हाथ जोड़ विनति करें सभी भक्तजन की जग जननी, मेरी शेरावाली मैय्या करा दे भवसागर से पार। हाथ जोड़ विनति करें सभी भक्तजन की जग जननी, मेरी शेरावाली मैय्या करा दे भवसागर से ...