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Daizy Lilani

Others

5.0  

Daizy Lilani

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आज भी

आज भी

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आज भी तुम्हारे होठ, मुस्कुराते होंगे ना !

ठंडी हवा, आहें भरने तराशती होगी ना !


आज भी तुम्हारी आँखें, मिलन को बरसती होगी ना !

गरम धूप, मासूम बातें आहत करती होगी ना !


आज भी तुम्हारे हाथ, थामने तड़पते होंगे ना !

बारिश की बूंद, यादों की खुशबू लाती होगी ना !


आज भी तुम्हारे बाल, हवा में उड़ते होंगे ना !

वसंत पंचमी, सपने बयां करती होगी ना !


आज भी तुम्हारा चेहरा, दमकता होगा ना !

सूरज किरणें, मुस्कुराहट फैलाती होगी ना !


आज भी तुम्हारे मन - शरीर, सपने बुलाते होगे ना !

चाँद - चांदनी, परी का अहसास करती होगी ना !



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