कर्मफल
कर्मफल
हे प्रभु! इतनी शक्ति देना
जीतने से पहले, न हार जाऊं
मुझे सबक देना है उन सबको
विजेता बनूं,न कायर कहलाऊं
न सुनकर भी बहुत कुछ सुना है
अब जवाब दूं, जब कुछ बन जाऊं
बहुत रोया हूं भीतर से टूटकर
अब और नहीं, जी भर मुस्कुराऊं
मेरे कर्म का उपहास उड़ाया उन्होंने
वक्त है अब , अपना ' कर्मफल ' दिखलाऊं ।
