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अजय पटनायक

Classics

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अजय पटनायक

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कर्मा गीत

कर्मा गीत

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आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला

करमा डारा गाड़े जाबो, जम्मो घर के द्वार ला

आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला


भोजली दाई गौरी गौरा, ले चलव संगवारी हो

झीतरा बैगा गावय करमा,

देखव बारी बारी हो

धर के मांदर ढोलकी तासा

कर भुइँया के सिंगार ला

आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला


गुझिया छनगे फ़र्रा बनगे, छनगे खुरमी ठेठरी हो

खेलव फुकडी डंडा बाटी, चढ़गे महुआ झोरी हो

पिंधबो फुँदरा आनी बानी,

सजाव डोंगरी पहार ला…

आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला


हरिहर हो जाहि माटी, देवता धामी ला मनाबो

झुपत -झुपत जाहि बैगा,

वन देवी ला बुलाबो

उड़े मैना डारी -डारी,

सुन धरती के गुहार ला

आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला


मया के बंधना बांधे रहीबे,

दु दिन के हे चोला

आठो पहर बाजे करमा, झूम -झूम के डोला

पइयां परंव तोर दादी बूढा, झोकव मोर जुहार ला

आव जी मिलजुर मनाबो, करमा के तिहार ला।


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