SHWETA Shubh Karan
Drama
कोविड -19 ने बुना ऐसा जाल
पूरे विश्व का है बुरा हाल
त्राहि- त्राहि करते हैं सब लोग
कयोंकि ये है एक भंयकर रोग
है इसका एक ही इलाज
अलग अलग रहना है हर बार
पहन के मुखोटा सब मिल यार
हराना है ये वायरस का प्रहार।
समय
रुक जाना नहीं
कशती अरमानों ...
सरगम
नया सवेरा
बेटियाँ
दिल
कोविड 19
इंतज़ार
गर छोड़ दे,फिझुल का पुरूष होने का दंभ मातृशक्ति की कद्र कर,बने हम सच मे नर। गर छोड़ दे,फिझुल का पुरूष होने का दंभ मातृशक्ति की कद्र कर,बने हम सच मे नर।
बेज़ुबान कठपुतलियाँ, बोलती बहुत हैं। बेज़ुबान कठपुतलियाँ, बोलती बहुत हैं।
मन बसिया तू मतवारो कान्ह उरझी पैंजनि नेक सुरझाय दे। लला देखन दै सिर मोर मुकुट मोय चटक चुनरिया पहराय ... मन बसिया तू मतवारो कान्ह उरझी पैंजनि नेक सुरझाय दे। लला देखन दै सिर मोर मुकुट मो...
वो गुजारती हर एक रात है उसका आना एक एहसास है। वो गुजारती हर एक रात है उसका आना एक एहसास है।
चित्तौड़ भूमि के हर एक कण से, हमनें सुनी कहानी थी। चित्तौड़ भूमि के हर एक कण से, हमनें सुनी कहानी थी।
भारत का सिर-झण्डा विश्व में, गर्व से ऊंचा उठाया है।। भारत का सिर-झण्डा विश्व में, गर्व से ऊंचा उठाया है।।
करदे जो तेरा मन कहता है, आज इतना क्यों हिचकिचाना है ! करदे जो तेरा मन कहता है, आज इतना क्यों हिचकिचाना है !
क़ामयाबी का नया सूरज उगाना है तुझे, उलझनों को छोड़ दे, बातें पुरानी भूल जा। क़ामयाबी का नया सूरज उगाना है तुझे, उलझनों को छोड़ दे, बातें पुरानी भूल जा।
मेरे प्यार को ढोंग तुमने कहा, बेवफाई तुम्हारी तलबगारी रही। मेरे प्यार को ढोंग तुमने कहा, बेवफाई तुम्हारी तलबगारी रही।
तिनके मेरे घोसलें के, जमीं पर बिखरे जाते हैं।। तिनके मेरे घोसलें के, जमीं पर बिखरे जाते हैं।।
यहां ना जाने कितने रंग हैं जीवन के हर रंग में पानी कम है यहां ना जाने कितने रंग हैं जीवन के हर रंग में पानी कम है
आपका ना कोई मोल है पापा,,, आप बड़े अनमोल है पापा।। आपका ना कोई मोल है पापा,,, आप बड़े अनमोल है पापा।।
ले हरि नाम, इससे पत्थर भी तर गया व्यक्ति का कर्म यहां आया ओर गया। ले हरि नाम, इससे पत्थर भी तर गया व्यक्ति का कर्म यहां आया ओर गया।
उसको सुख समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है। उसको सुख समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
सील बट्टे पर रोज़ पीसे रोज़ ही रगड़ा हो। सील बट्टे पर रोज़ पीसे रोज़ ही रगड़ा हो।
मार दूंगा या मर जाऊंगा लेकिन, जग एक को मरा आज देखेगा।। मार दूंगा या मर जाऊंगा लेकिन, जग एक को मरा आज देखेगा।।
मैं बहती धारा मुझे बांध नहीं कोई पाया, पूजते मुझे, अपने पाप मुझे समर्पित करते मैं बहती धारा मुझे बांध नहीं कोई पाया, पूजते मुझे, अपने पाप मुझे समर्पित करते
हर जन्म मेरे मन में, तेरी हसरत के निशाँ होंगे। सौ बार जन्म लेंगे….. हर जन्म मेरे मन में, तेरी हसरत के निशाँ होंगे। सौ बार जन्म लेंगे…..
दर्द का हर आलम छुपा लेते हैं, ग़म तो हैं लाख पर मुस्करा लेते हैं, दर्द का हर आलम छुपा लेते हैं, ग़म तो हैं लाख पर मुस्करा लेते हैं,
मित्र की आन, बान, शान के लिए जान क़ुर्बान करता। मित्र की आन, बान, शान के लिए जान क़ुर्बान करता।