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SHWETA Shubh Karan

Abstract Inspirational Others

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SHWETA Shubh Karan

Abstract Inspirational Others

कशती अरमानों की

कशती अरमानों की

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अरमानों की कश्ती कहीं बिखर सी गई है,

अधूरे सपने कहीं टूट से गए हैं,

खड़ी है इस मोड़ पर ज़िन्दगी

कि मौत भी दरवाज़े से लौट गई है ।


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