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SHIVENDRA KISHORE

Tragedy

3  

SHIVENDRA KISHORE

Tragedy

कोरोना जैसा

कोरोना जैसा

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कभी ना सोचा महामारी ऐसा,

कि आयेगा कुछ कोरोना जैसा।


तांडव फैल रहा दुनिया में ऐसा,

विषाणु हो गया लाइलाज जैसा।


फेंफड़े को कर रहा लक्ष्य ऐसा,

चिकित्सा में हुआ भूचाल जैसा।


बड़े-बुजुर्गों का रखें ख्याल ऐसा,

हो नहीं अपूरणीय नुकसान जैसा।


खाने-पीने में बरते सतर्कता ऐसा,

होने न पाये कुछ हादसा जैसा।


बढ़ा लें अपना रोग-प्रतिरोधी ऐसा,

बिमारी हो जाये नतमस्तक जैसा।



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