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Dr Baman Chandra Dixit

Inspirational

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Dr Baman Chandra Dixit

Inspirational

कोरा आकाश

कोरा आकाश

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वक्त सीमित है हरवक्त 

असीम कर्म तमाम।

हो सके जो कर गुजर

चाहे जो भी हो अंजाम।।


निकाला तीर गुज़रा वक्त 

लौटा सका न कोय।

चूकने से पहले रोक लो

तो प्रयास सार्थक होय।।


चुकने का वजह खोज

रुकने का बहाने छोड़ ।

सराहेंगे यहाँ कोई नहीँ

टोकेंगे लगाके होड़।।


प्यास लगे या न लगे

पानी रक्खो तो पास ।

होंठ प्यासा न रह जाए

जब सताए प्यास।।


पीने पीने में फर्क़ है

समझो न समझाए ।

एक पानी से जान बचे

दूजा रंग चढ़ाए।।


स्वर्ग खोजने निकला था

मिला कोरा आकाश।

मूरख मैं न समझ पाया

माता पिता हैं पास।।



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