कोरा आकाश
कोरा आकाश
वक्त सीमित है हरवक्त
असीम कर्म तमाम।
हो सके जो कर गुजर
चाहे जो भी हो अंजाम।।
निकाला तीर गुज़रा वक्त
लौटा सका न कोय।
चूकने से पहले रोक लो
तो प्रयास सार्थक होय।।
चुकने का वजह खोज
रुकने का बहाने छोड़ ।
सराहेंगे यहाँ कोई नहीँ
टोकेंगे लगाके होड़।।
प्यास लगे या न लगे
पानी रक्खो तो पास ।
होंठ प्यासा न रह जाए
जब सताए प्यास।।
पीने पीने में फर्क़ है
समझो न समझाए ।
एक पानी से जान बचे
दूजा रंग चढ़ाए।।
स्वर्ग खोजने निकला था
मिला कोरा आकाश।
मूरख मैं न समझ पाया
माता पिता हैं पास।।
