STORYMIRROR

Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Romance

3  

Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Romance

कोई सच्चा नहीं

कोई सच्चा नहीं

1 min
218

कोई सच्चा नहीं, कोई अच्छा नहीं 

प्यार की राह मे, कोई कच्चा नहीं 

पर हमारी तुम्हारी मुलाकात मे 

फासले हो गये देखते देखते !


प्यार एक जंग है, ये सभी को पता 

हार मंजूर ना , ये भी है सबको पता 

पर हमारे तुम्हारे सवालात मे 

सिलसिले हो गये देखते देखते !


आज कल हमें याद रहते हो तुम 

पलों की पलको पे भी राज करते हो तुम 

पर हमारे तुम्हारे ही ज़ज़बात मे 

मसले ही मसले हो गये देखते देखते !


कब ये सोचोगे तुम, य़ा ना समझोगे तुम 

जानकर भी बेबाकी से सहमोगे तुम 

पर तुम्हारे गजब की इस खामोशी मे 

टुकडे ही टुकडे हो गये देखते देखते !!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance