STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance

3  

Ervivek kumar Maurya

Romance

कोई राज छुपा पाओगे

कोई राज छुपा पाओगे

1 min
192

क्या कोई राज हमसे छुपा पाओगे

क्या किसी को इतना सता पाओगे

हम तेरे हैं तेरे ही रहेंगे सनम

क्या मुझे तुम खुद से जुदा कर पाओगे

क्या कोई...


है समय अब भी तुम हो जाओ मेरी जाना

मैं सच कह रहा हूँ, हूँ तेरा मैं दीवाना

तेरे साथ चला था चलूँगा हमेशा

क्या मेरे साथ तुम चल पाओगे

क्या कोई...


छुपाना था तुम को तो छुपा ही लेते

मेरे गुजरे पल को लौटा तुम देते

आँखों से तेरी सब सच है दिख रहा

क्या फिर इन अश्कों को तुम छुपा पाओगे

क्या कोई .....


मेरे दिल की बस्ती में बस तेरा घर है सनम

तू मेरी हो जाये बस यही चाहते हैं सनम

सारी दुनिया से लड़कर मैंने तुझ को है पाया

क्या ये सच सबसे तुम छुपा पाओगे

क्या कोई ....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance