STORYMIRROR

Ervivek kumar Maurya

Romance

3  

Ervivek kumar Maurya

Romance

कोई भी लम्हा छूटे न

कोई भी लम्हा छूटे न

1 min
246

कोई भी लम्हा छूटे न

कोई भी मौसम रूठे न

तू मुझसे प्यार करे

मैं भी तुझसे प्यार करूँ

प्यार भरा दिल ये हमारा

नाजुक से मोड़ पे भी टूटे न

कोई भी....................


चाहत हमारी सबसे प्यारी

इसमें बसी है दुनिया हमारी

हर लम्हें की यादें हैं

तू मुझसे जिन्दा हम तुमसे जिन्दा हैं

रिश्ते की डोर हमारी टूटे न

कोई भी........................


जी रहे हैं तुझे याद करके

तेरी तस्वीर आँखों में लेके

हर गली में तेरी खुशबू है फैली

तेरी साॅंसों से मेरी धड़कन धड़के

मुझसे पहले तेरी साँसे टूटे न

कोई भी लम्हा छूटे न...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance