STORYMIRROR

Arpana (अर्पण)

Drama

3  

Arpana (अर्पण)

Drama

कोई आज शायर न होता

कोई आज शायर न होता

1 min
352

अगर दिल में कभी गहरा

कोई अहसास ना होता

कोई आज शायर ना होता।


बिखरी हुई हैं बातें मेरी

उन मोतियों की तरह

जिसे आसानी से नहीं

पिरोया जा सकता।


एहसान है मुझ पर

शुक्रगुजार हूं मैं

इश्वर का बहुत

जिन्होंने मुझे अलग

एक नए नजरिये से

इस दुनिया को देखने का।


यहाँ की कई बातों को

अपने कई विचारों को

कविताओं के जरिए

कहने का ज्ञान दिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama