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Arpana (अर्पण)

Abstract

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Arpana (अर्पण)

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सिर्फ कुछ वक्त के लिए

सिर्फ कुछ वक्त के लिए

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सिर्फ कुछ वक्त के लिए मैं

शून्य हो जाना चाहती हूँ।


इस प्यारी सी प्रकृति में

विलुप्त हो जाना चाहती हूँ।


बनकर कोई बूंद बारिश की

बादलों से बरसना चाहती हूँ।


बनकर कोई हवा, सैर मैं

प्रकृति की करना चाहती हूँ।


सिर्फ कुछ वक्त के लिए मैं

शून्य हो जाना चाहती हूँ।


बनकर कोई रोशनी सूरज की

सवेरा नया मैं चाहती हूँ।


बनकर चाँदनी चाँद की मैं

रात में उजाला चाहती हूँ


सिर्फ कुछ वक्त के लिए

मैं खो जाना चाहती हूँ


इस प्यारी सी प्रकृति में

विलुप्त हो जाना चाहती हूँ।


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