STORYMIRROR

deepak gupta

Action

4  

deepak gupta

Action

कण कण में प्रदूषण

कण कण में प्रदूषण

1 min
10

कैसी यह विकास प्रणाली 

करती दूषित हवा हमारी

लंग्स हमारे कचरा पेटी

करते निर्बल देह हमारी


ऑक्सीजन भी है अति दुर्लभ 

फ्री है फिर भी ढूंढे हम सब

याद नही कब दिखते तारे

सप्त रिषी के दर्ष असम्भव 


काटे जंगल दूषित नदियां

पर्यावरण की निर्मम हत्या

हम सब भागीदार हैं इसके

धरती का प्रतिशोध है हमसे



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action