Dr.Padmini Kumar
Tragedy
पिता ने अपने बेटे को
दिखाया आचार्य।
बेटे ने बदले में
पिता को बना दिया
आश्रय।
विद्यार्थी जी...
जीवन यात्रा ज...
विश्व पटल पर ...
सोना
रथोत्सव
धूल
शिक्षा
अमरत्व
आरंभ और अंत
कुछ नहीं करती
तुझसे यही गिला है ज़िंदगी, तूं मेरी कभी हुई नहीं।। तुझसे यही गिला है ज़िंदगी, तूं मेरी कभी हुई नहीं।।
हमने भी तो भीतर दबा रखा बड़ा दम हम भी तो शोले में हँसनेवाले हैं, शबनम। हमने भी तो भीतर दबा रखा बड़ा दम हम भी तो शोले में हँसनेवाले हैं, शबनम।
मत बन ज़माने में तू इतनी बेरहम साखी, ज़माने में इतने गुनहगार तो हम भी न थे। मत बन ज़माने में तू इतनी बेरहम साखी, ज़माने में इतने गुनहगार तो हम भी न थे।
किसी की याद से फुरसत मिले तो मैं किसी और को सोचने का सोचूं किसी की याद से फुरसत मिले तो मैं किसी और को सोचने का सोचूं
आसान नहीं होता डगर लेखक का, आसान नहीं होता बयां कर पाना दर्द लेखक का। आसान नहीं होता डगर लेखक का, आसान नहीं होता बयां कर पाना दर्द लेखक का।
ज़रा भी आँख खुल जाए तो फिर सपना नहीं रहता ज़रा भी आँख खुल जाए तो फिर सपना नहीं रहता
वो मुझे कितना याद आती है वो मुझे कितना याद आती है वो मुझे कितना याद आती है वो मुझे कितना याद आती है
महामारी से जिन्दगी के इस जंग की जल में फेंकें पत्थरों के तरंग की महामारी से जिन्दगी के इस जंग की जल में फेंकें पत्थरों के तरंग की
मैं तो गरीब-मजदूर हूँ साहब, रोज एक नई जिंदगी लिखता हूँ साहब !! मैं तो गरीब-मजदूर हूँ साहब, रोज एक नई जिंदगी लिखता हूँ साहब !!
हर एक दुख सहा मैंने, तुम्हें इस दुनिया में लाने को। हर एक दुख सहा मैंने, तुम्हें इस दुनिया में लाने को।
भूल चुके हम जो इश्क़ में तेरी जफ़ाओं को भुला ना सके हम तिरी फ़रेबी निगाहों को भूल चुके हम जो इश्क़ में तेरी जफ़ाओं को भुला ना सके हम तिरी फ़रेबी निगाहों को
बस सपने जिन्दा रहे और हम सब भाई - भाई साथ रहे। बस सपने जिन्दा रहे और हम सब भाई - भाई साथ रहे।
थके-हारे थे नींद तो आनी ही थी, हम तो मेहनत करके सोए थे, थके-हारे थे नींद तो आनी ही थी, हम तो मेहनत करके सोए थे,
समाज का निर्माण अब कहां तय होता है, पेट को आदमी ही आदमी को तक बैठा है। समाज का निर्माण अब कहां तय होता है, पेट को आदमी ही आदमी को तक बैठा है।
सामने दीवार पे सुकून की घड़ियों वाली, घड़ी को रखा मेरी पहचान को निखारने वाला आईना लगा सामने दीवार पे सुकून की घड़ियों वाली, घड़ी को रखा मेरी पहचान को निखारने वाला...
हम उस तिनके के सहारे चल ही दिए, जब बात मोहब्बत की आई थी. हम उस तिनके के सहारे चल ही दिए, जब बात मोहब्बत की आई थी.
उठाया गोद में और बना दी मज़ार आज कुछ फूल दिखे वहां फूल ताज़ा थे, नमी थी उनमें उठाया गोद में और बना दी मज़ार आज कुछ फूल दिखे वहां फूल ताज़ा थे, नमी थी उन...
लोग दिखा रहे अपनी औकात है दिल तोड़ रहे मेरा वो बिना बात है लोग दिखा रहे अपनी औकात है दिल तोड़ रहे मेरा वो बिना बात है
अपनी उधड़ी हुई जिंदगी को रोज सीते हैं, कुछ लोग फुटपाथ पर भी जिंदगी जीते हैं। अपनी उधड़ी हुई जिंदगी को रोज सीते हैं, कुछ लोग फुटपाथ पर भी जिंदगी जीते हैं।
किसी से नयन मिलते है, किसी से प्यार है होता। किसी की जान को लेकर, किसी से नयन मिलते है, किसी से प्यार है होता। किसी की जान को लेकर,