STORYMIRROR

Praveen Gola

Tragedy

4  

Praveen Gola

Tragedy

युवा पीढ़ी

युवा पीढ़ी

1 min
421

युवा पीढ़ी

कितनी कंगाल ?

आज के युग में,

हुआ बुरा हाल।


नई तकनीक का

गलत इस्तेमाल,

चौबीस घंटे बस,

मोबाइल का बुखार।


बुरी संगतें

करें इशारा,

आने वाले वक़्त का,

वीभत्स नज़ारा।


कम अक्ल

बिगड़ी शक्ल,

व्यायाम का,

देश निकाला।


गर सुधरी नहीं,

ये तस्वीर अबकी बार ,

तो चरितार्थ होगी ये लोकोक्ति,

आ बैल मुझे मार।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy