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Poonam Kaparwan

Inspirational Others

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Poonam Kaparwan

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कलुष

कलुष

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मन का कलुष विचित्र

धोबन से न जात है


गंगा नहाओ काशी जाओ

मैंल तन का धोकर भी पाप कबहुँ न जात है।


राम नाम का सुमिरन कर लो

न बाँधों गठरी पाप की संग सबके जात है


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