STORYMIRROR

besty besty

Tragedy

3  

besty besty

Tragedy

ख्वाहिश

ख्वाहिश

1 min
135

कुछ रास्ते मिलते नहीं

उन्हे खुद बनाना पड़ता है 


कभी कभी जिंदगी के गमों को 

भी गले लगाना पड़ता है 


ख्वाहिशों का गला घोंट कर 

मुस्कुराना पड़ता है 


ये ज़िंदगी है साहब 

यहा एक दिन मौत को भी 

अपनाना पड़ता है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy