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Tragedy

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Tragedy

ख्वाहिश

ख्वाहिश

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कुछ रास्ते मिलते नहीं

उन्हे खुद बनाना पड़ता है 


कभी कभी जिंदगी के गमों को 

भी गले लगाना पड़ता है 


ख्वाहिशों का गला घोंट कर 

मुस्कुराना पड़ता है 


ये ज़िंदगी है साहब 

यहा एक दिन मौत को भी 

अपनाना पड़ता है।


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