नन्हे नन्हें हाथ
नन्हे नन्हें हाथ
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पकड़ा जब उस मासूम ने अपने
नन्हे नन्हें हाथों से मेरा हाथ
दिल में उठी मोहब्बत की लहर
हज़ारों ख्वाहिशें गई जाग
उसकी आंखों में थे सैकड़ों
टिमटिमाते तारे और सूरज की चमक
सा उसका मुख
उसे देख कर में हो गई निहाल
वो जिए हजारों साल
दिल ने दी दुआएं और
हमेशा रहे वो खुशहाल।
