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सोनी गुप्ता

Abstract Fantasy

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सोनी गुप्ता

Abstract Fantasy

खुशियों की सौगात होली

खुशियों की सौगात होली

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एक दूजे को रंग में रंगकर, 

सबने गीत मल्हार गाया है,

खुशियों की सौगात लिए, 

आज होली का त्यौहार आया है,

जब रंग में रंग मिल जाते हैं, 


दिल सबके खिल जाते हैं,

जो रूठे थे हमसे, 

उनके चेहरों पर भी मुस्कान लाया हैं, 

खुशियों की सौगात लिए, 

आज होली का त्यौहार आया है,


खेलो मिलकर रंगों से, 

आज होली का त्यौहार आया है, 

चहुँ ओर ढोल,मंजिरा, 

और दिख रहे रंग-बिरंगे कपड़े हैं,

किसी के हाथ में गुलाल लगे, 

और कुछ पिचकारी पकड़े हैं,


ऐसा लगता जैसे, 

सुन्दर इंद्रधनुष धरती पर उतर आया है,

हर घर में खुशबू आती, 

आज माँ ने मीठा पकवान बनाया है,

एक दूजे को रंग में रंगकर, 

सबने गीत मल्हार गाया है,

खुशियों की सौगात लिए, 

आज रंगों का त्यौहार आया है,


होली में लोगों ने, 

एक दूसरे को बधाइयों संग, 

खूब मिठाइयाँ, गुझिया बांटी हैं, 

अपनों की खुशियों के रंग लिए, 

होली का त्योहार आया है, 

रंगोत्सव के बहुरंगी रंगों में रंगकर, 

फागुन का दिन आया है, 


रंगों के हुड़दंग में सराबोर होकर, 

एक दूजे को गले लगाया है, 

दिल में उमंग भरकर, 

आज भर ली है पिचकारी सबने, 

खुशियों की सौगात लिए, 

आज रंगों का त्यौहार आया है,


पुराने गिले-शिकवे भूल, 

रिश्तों को ये करीब लाया है, 

प्यार भरे रंगों से सजा पर्व, 

हर धर्म, संप्रदाय, जाति से दूर, 

भाई-चारे का संदेश देता है, 

हर धर्म को एक कर,

अपनी अलग ही छाप छोड़ता है, 


खुशियों की ओर रुख, 

सबका मोड़ता है, 

खुशियों की सौगात लिए, 

आज रंगों का त्यौहार आया है,


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