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Sanjay Jain

Romance

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Sanjay Jain

Romance

खुशियां*

खुशियां*

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दिल करता है,

जिंदगी तुझे दे दूं।

जिंदगी की सारी 

खुशी तुझे दे दूं।

दे दे अगर तू मुझे,

भरोसा अपने साथ का।

तो यकीन कर मेरा,

साँसे दे दूंगा तुझे अपनी।।


अब तक दिया है साथ,

आगे भी उम्मीद रखता हूँ।

तेरे जैसे दोस्त को, 

अपने दिल में रखता हूँ।

तभी तुझ पर यकीन

दिल से करता हूँ।

और तुझे अपना हमसफर

बनाकर जीना चाहता हूं।।


हर किसी के नसीब में,  

कहाँ लिखी होती है चाहतें।  

कुछ तो आते हैं 

सिर्फ तन्हाइयों के लिए।

जो सब कुछ होते हुए भी,

जीते हैं अपनो के लिए।

और छोड़ देते चाहत ,

दुसरों की जिंदगी के लिए।।




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