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Sanjay Jain

Romance

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Sanjay Jain

Romance

मोहब्बत में

मोहब्बत में

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मोहब्बत में अक्सर लोग,सब कुछ भूल जाते हैं।

दिल दिमाग में उसके,मोहब्बत छाई रहती है।

न कुछ कहता न सुनता,बस अपने में मस्त रहता।

और प्यार के सागर में,वो डूब जाता है।।

मोहब्बत में अक्सर लोग,सब कुछ भूल जाते हैं।।


नैन से नैन लड़ा के,दिल में उतर जाती है।

फिर दिल के अंदर जो,मोहब्बत को बढ़ाती है। 

जिसके कारण ही वो,आंखों में छाई रहती है।

और दीप मोहब्बत का,दिलों में जला देती है।।

मोहब्बत में अक्सर लोग,सब कुछ भूल जाते हैं।।


किसी से दिल लगाना,आसान नहीं होता है।

प्यार में जीना मरना,आसान नहीं होता है।

ये वो आग होती है जिसे,कोई बूझा सकता नहीं।

इसलिए सच्ची प्रेमी,आजकल कम होते हैं।।

मोहब्बत में अक्सर लोग,सब कुछ भूल जाते हैं।।


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