Shikha shivangee
Romance
तू कहता है मैं बेवफा हूँ
फिर तो तेरे रोने की वजह
ही नहीं रही
गलत इंसान का पाला छूटा
कम से कम इस बात पर
तो खुश रहा कर
आज़ाद होने दो...
आदमी- सबसे श्...
आज फिर जी चाह...
खुश रहा कर!!
करघा की धुन
शायरी
रिश्ता
पायल छनकी, चूड़ी खनकी! बात अधर पर, रह गई मन की! पायल छनकी, चूड़ी खनकी! बात अधर पर, रह गई मन की!
वो लम्हे कितने हसीं हुआ करते थे जब तुम्हारे हाथ हमें छुआ करते थे। वो लम्हे कितने हसीं हुआ करते थे जब तुम्हारे हाथ हमें छुआ करते थे।
रब से सारी दुआओं संग अपने प्यार के वादों संग जीवन का हर क्षण मुबारक रब से सारी दुआओं संग अपने प्यार के वादों संग जीवन का हर क्षण मुबारक
जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं, संग बस प्रेम से निभाना प्रिये। जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं, संग बस प्रेम से निभाना प्रिये।
नित अश्रुधार न पाती,कैसे बनता अंतस फिर निर्मल, क्या मिल पाता मुझे,मिलन का यह सुख संजीवन नित अश्रुधार न पाती,कैसे बनता अंतस फिर निर्मल, क्या मिल पाता मुझे,मिलन का यह ...
एक मासूम सा चेहरा मेरे दिल को भाने लगा है नशीली आंखों का इशारा रातों को जगाने लगा है एक मासूम सा चेहरा मेरे दिल को भाने लगा है नशीली आंखों का इशारा रातों को जगा...
सिलसिला यूं ही चलता रहा। वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा। सिलसिला यूं ही चलता रहा। वो मुझे देखती रही, मैं उसे देखता रहा।
तुम्हारा मेरे पास आकर “एक कप चाय पिलाओगी ?” कहने की संभावना… तुम्हारा मेरे पास आकर “एक कप चाय पिलाओगी ?” कहने की संभावना…
मौसम जो करवट बदलने को बेताब है तेरी तारीफ़ के पन्नों से यूं भरी किताब है। मौसम जो करवट बदलने को बेताब है तेरी तारीफ़ के पन्नों से यूं भरी किताब है।
मंगल परिणय हो गया तुमसे, अब मेरा परिवार हो तुम। मंगल परिणय हो गया तुमसे, अब मेरा परिवार हो तुम।
तुम सर्वनाम बन कर आना मैं संज्ञा बन कर रह लूंगा। तुम सर्वनाम बन कर आना मैं संज्ञा बन कर रह लूंगा।
द से दुख है तो द से दुआ है, द से दर्द है तो द से दवाई है. द से दुख है तो द से दुआ है, द से दर्द है तो द से दवाई है.
वक्त क्या बदला तू भी बदल गई मैं आज भी वही हूँ जो कल तलक था। वक्त क्या बदला तू भी बदल गई मैं आज भी वही हूँ जो कल तलक था।
रोपा था हमने यहीँ बस यूँ ही प्रीत का वह हरसिंगार यहीं… प्रेम के ताजा जल समान। रोपा था हमने यहीँ बस यूँ ही प्रीत का वह हरसिंगार यहीं… प्रेम के ताजा जल सम...
ये वादियाँ क्या कहती हैं..? सुनो ध्यान से। ये वादियाँ क्या कहती हैं..? सुनो ध्यान से।
मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफर साथ चलना मेरे, परछाई मेरी बनकर। मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफर साथ चलना मेरे, परछाई मेरी बनकर।
क्या तुम कभी जान पाओगे ..? उन कल्पनाओं के बारे में.. क्या तुम कभी जान पाओगे ..? उन कल्पनाओं के बारे में..
सिर्फ अकेले तुम, तुम मेरा पूरा परिवार हो I तुम हो तो मैं संपूर्ण हूँ। सिर्फ अकेले तुम, तुम मेरा पूरा परिवार हो I तुम हो तो मैं संपूर्ण हूँ।
जो अपवित्र हो जाती है/ या जिसको बचाना हो अपवित्रता से. जो अपवित्र हो जाती है/ या जिसको बचाना हो अपवित्रता से.
है जवाँ दिलों की, यही कहानी, थोड़ी सी आग और थोड़ा पानी। है जवाँ दिलों की, यही कहानी, थोड़ी सी आग और थोड़ा पानी।