Shikha shivangee
Abstract
सूखे गुलाब को नदामत ना होने दो
आरिज़ पे नमकीन सावन को आने दो
खुद को एक दफा आज़ाद होने दो।।
तूफ़ां को भीतर महदूद ना होने दो
बेजान यादों की पिंजर को आशियां ना होने दो
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आज़ाद होने दो...
आदमी- सबसे श्...
आज फिर जी चाह...
खुश रहा कर!!
करघा की धुन
शायरी
रिश्ता
ये दुनिया समझो साथ उसी के जो समय देखकर चलता है। ये दुनिया समझो साथ उसी के जो समय देखकर चलता है।
धरा ने देखो अद्भुत शृंगार किया है अहा ! बसंत का देखो पीत दर्पण। धरा ने देखो अद्भुत शृंगार किया है अहा ! बसंत का देखो पीत दर्पण।
सच झूठ के इस खेल में अपने ईमान का मान रख लेना। सच झूठ के इस खेल में अपने ईमान का मान रख लेना।
जन्म ले चुका है यहाँ, वासुदेव का अंश। जन्म ले चुका है यहाँ, वासुदेव का अंश।
मन को तनिक दिलासा दो तुम दुख से यूँ मुँह मत मोड़ो। मन को तनिक दिलासा दो तुम दुख से यूँ मुँह मत मोड़ो।
तब कहीं जाकर मैंने जिंदगी जीने का सामान जुटाया है। तब कहीं जाकर मैंने जिंदगी जीने का सामान जुटाया है।
कम होता मनुष्य का मान है हां मेरा भी अपना स्वाभिमान है। कम होता मनुष्य का मान है हां मेरा भी अपना स्वाभिमान है।
पढ़े लिखे शिक्षाविद को निशदिन रौब दिखते हैं। पढ़े लिखे शिक्षाविद को निशदिन रौब दिखते हैं।
क्यूँ कि अब तक थका नहीं हूँ मैं। क्यूँ कि अब तक थका नहीं हूँ मैं।
कैसे कहें आज तो बस आँसू बहाता अमन है। कैसे कहें आज तो बस आँसू बहाता अमन है।
आवाज उतनी सुंदर, जैसे वो गीतों की ऋतु है। आवाज उतनी सुंदर, जैसे वो गीतों की ऋतु है।
मेरा ये सोच कर फिर वो दिन याद कर जाना। मेरा ये सोच कर फिर वो दिन याद कर जाना।
तो होगा ही क्या खोने को, लूट जाने को। तो होगा ही क्या खोने को, लूट जाने को।
तू रखना कमी बताने वाले को अपने ही पास में, वहीं तुझे एक दिन दुनिया में जीताएगा कभी.... तू रखना कमी बताने वाले को अपने ही पास में, वहीं तुझे एक दिन दुनिया में जीताएग...
वो कौन मुझे है देखता, वो कौन बैठा साख पे।, वो कौन मुझे है देखता, वो कौन बैठा साख पे।,
इतने आई बिटिया मेरी, जो सीख रही थी कराटे। इतने आई बिटिया मेरी, जो सीख रही थी कराटे।
देश द्रोही का मुकदमा शायर पर अभी कायम है। देश द्रोही का मुकदमा शायर पर अभी कायम है।
जिंदगी कह रही है, जिंदगी कह रही है। जिंदगी कह रही है, जिंदगी कह रही है।
पूछते रहे की कहाँ से लाये थे सीता के लिए राम को ? पूछते रहे की कहाँ से लाये थे सीता के लिए राम को ?
क्योंकि स्याही मेरी थोड़ी हरी है व थोड़ी लाल है। क्योंकि स्याही मेरी थोड़ी हरी है व थोड़ी लाल है।