STORYMIRROR

खुदा भी नज़र आता है पांच वक्त

खुदा भी नज़र आता है पांच वक्त

1 min
2.7K


खुदा भी नज़र आता है

पांच वक्त नमाज़ों में

और तुम लाख बार

बुलाने पर भी नहीं आते


हमें तो नाज़ था

अपनी वफाओं पे

मगर लोग अक्सर अपनी

ज़फाओं पर हैं मुस्कुराते...।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama