STORYMIRROR

Antariksha Saha

Tragedy Inspirational

4  

Antariksha Saha

Tragedy Inspirational

खोए हम भी थे

खोए हम भी थे

1 min
318

खोए हम भी थे

खुद की आँखों मे गिरे हम भी थे

करवट बदल कर रोये हम भी थे


गलतियां दोनों तरफ से हुई थी

या खुद की थी

पस्यताप का ठेका ज़माना को ना दे के


रब को दे और आगे बढ़

कितने लोगो सफाइयाँ देता रहेगा

इनको फर्क नहीं पड़ता पगले

जिसको फर्क पढता वोह साथ कब का छूट गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy