कहीं गुम हो जाये
कहीं गुम हो जाये
सोचते तो हम भी है कि कहीं गुम हो जाये
खो जाए इस जहाँ के किसी कोने में
कि कोई ढूंढ ही ना पाए,
पर ये मुमकिन नहीं अब तो मेरे लिए,
अपने फ़र्ज़ निभाने है हमको,
कुछ कर्ज़ चुकाने है हमको,
कोई कीमत नहीं इस कर्ज़ की,
अपनो से प्यार है इतना लगाव है इतना,
हम जो गुम हो गए तो वो बिखर जाएंगे,
एक औरत होने का हर फ़र्ज़ निभाना है हमको,
कमजोर नहीं हम की कहीं खो जाए,
दिल में है जो अरमान हमारे ख्वाब हमारे,
दुनिया की भीड़ में खोने से पूरे ना होंगे,
हर ख्वाब हमारा पूरा होगा इस भीड़ में रहकर ही,
मुश्किलों का सामना करना आता है हमको,
हारकर जीतना भी आता है हमको,
क्यों खो जाए हम किसी भीड़ में डरपोक नहीं हम,
कमजोर नहीं हम जो खो जाए मुकाबला करना आता है ।
