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Aryavart Prakash

Romance

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Aryavart Prakash

Romance

खामोश रहूँ?

खामोश रहूँ?

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लोग मुझसे पूछ रहे तेरी बेवफ़ाई का सबब,

उन्हें अपने ज़ख्म दिखा दूँ या खामोश रहूँ।।


चाँद हटता ही नहीं मेरी खिड़की से रातों को,

उसे अपने अश्क़ दिखा दूँ या खामोश रहूँ।।


आईना पूछता है मुझसे सवाल कई बारहां,

उसे तुम्हारा नाम बता दूँ या खामोश रहूँ।।


कुछ लोग कहते है इश्क़ खूबसूरत होता है,

उन्हें तुम्हारा किस्सा बता दूँ या खामोश रहूँ।।


"आर्या" खुद ही मोहब्बत को माचिस लगा दी,

दर्द दिल का सबको दिखा दूँ या खामोश रहूँ?


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