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Aryavart Prakash

Romance

3  

Aryavart Prakash

Romance

जान जाओगी

जान जाओगी

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मुझे लगा न था इस कदर भूल जाओगी,

किसी और की बाहों में समा,मुझे भूल जाओगी।


ये इश्क़ तुम्हारा महज़ एक खेल ही लगता है,

ये बाजी जीतकर भी तुम हार ही जाओगी।


हमें पता है किसी की बे-वफाई का दर्द,

किसी की बे-वफाई से तुम मर ही जाओगी।


किसी की याद में जब कभी पलकें भीग जाए,

हमारा हाल उस दिन जाना, तुम जान जाओगी।


मुझे छोड़कर जा रही तो कभी वापस न आना,

एक क़त्ल का इल्ज़ाम है तुम पर जान जाओगी।


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