STORYMIRROR

Surjeet Kumar

Abstract Inspirational Others

3  

Surjeet Kumar

Abstract Inspirational Others

कभी खुद से बातें किया करो

कभी खुद से बातें किया करो

1 min
290

दूसरों से तो बतियाते हो

कभी खुद से बातें किया करो

औरों का हाल तो पूछते हो

कभी खुद की खबर भी लिया करो

रिश्ते रखे है दुनिया से

कभी खुद से रिश्ता निभाया करो

कमियाँ जो दिखती है सब में

कभी भीतर की सैर भी किया करो

सोई हुई इस बस्ती में

एक रात जाग कर देखा करो

जगाने की जो सोची है दुनिया को

कभी अपनी नींद बेच कर देखा करो

चैन ढूँढते हो ज़माने में

सपनों में खो कर देखा करो

क्यों देखते हो खुद को औरों में

अपनी हस्ती बना कर देखा करो

दूसरों से तो बतियाते हो

कभी खुद से बातें किया करो


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract