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Surjeet Kumar

Abstract Romance Fantasy


4.0  

Surjeet Kumar

Abstract Romance Fantasy


कमाल के शख़्स

कमाल के शख़्स

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हम कहे... मान जाओ 

वो माने नहीं...पर मना गए


हम कहे...संभल जाओ

 वो संभले नहीं... पर संभाल गए


हम कहे...आ जाओ

वो आए नहीं... पर बुला गए


हम कहे...जीत जाओ

वो जीते नहीं..पर जीता गए


हम कहे... छुप जाओ

वो छुपे नहीं... पर कुछ छुपा गए


कमाल के शख़्स थे वो...

जो हमारी हर बात काट कर भी...

इस दिल में.... जगह बना गए।


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