STORYMIRROR

Surjeet Kumar

Abstract Romance Fantasy

3  

Surjeet Kumar

Abstract Romance Fantasy

कमाल के शख़्स

कमाल के शख़्स

1 min
193

हम कहे... मान जाओ 

वो माने नहीं...पर मना गए


हम कहे...संभल जाओ

 वो संभले नहीं... पर संभाल गए


हम कहे...आ जाओ

वो आए नहीं... पर बुला गए


हम कहे...जीत जाओ

वो जीते नहीं..पर जीता गए


हम कहे... छुप जाओ

वो छुपे नहीं... पर कुछ छुपा गए


कमाल के शख़्स थे वो...

जो हमारी हर बात काट कर भी...

इस दिल में.... जगह बना गए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract