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Sawan Sharma

Romance Tragedy Others

3  

Sawan Sharma

Romance Tragedy Others

कैसे कहूं ?

कैसे कहूं ?

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कुछ कहना है

क्या कहूं पता नहीं

नहीं आता बातें सजाना

ना ही आता बात घुमाना।


कह रहा हूं सीधे से

अच्छी लगने लगी हो तुम

मुझको अपनी प्रियतमा

सी दिखने लगी हो तुम।


हिम्मत नहीं है कहने की

शायद तुम समझ जाओ 

समझ जाओ जो अगर 

बात कर लेना।


आँखों ने आँखों को

बातों ने दिल को छुआ है

कैसे कहूं मुझको तुमसे

प्रेम हुआ है।



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