STORYMIRROR

Tushar Chaudhary

Romance

2  

Tushar Chaudhary

Romance

कातिल

कातिल

1 min
175

तेरी बातें यूं निराली 

तेरी सोने की वो बाली,


तेरा हुस्न यूं नूरानी

तू मिट्टी भी मुल्तानी,


तेरे आँखों के वो काजल 

तेरी होठों की वो लाली,


तेरे भीगे- भीगे बाल

तेरे इत्र का फेका वह जाल,


तेरी वो प्यारी- सी मुस्कान

जिसने ली ना जाने

कितनों की जान,


हमने भी इस कातिल पर कर दी

अपनी जान क़ुर्बान।


  



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance