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Ragini Ajay Pathak

Tragedy

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Ragini Ajay Pathak

Tragedy

काश! तुम मेरे होते

काश! तुम मेरे होते

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जिंदगी की कशमकश में हम तेरा हर वक्त इंतजार करते रहे।

कहने को तो तुम साथ थे मेरे लेकिन कभी मेरे साथ ना थे।

तुम्हारे हर रिश्ते को हमने अपना समझकर निभाया।

तुम्हारे मकान को हमने अपना समझकर घर बनाया।

एक पल में तुमने बेगाना कर दिया सबके सामने मुझे

तुम होती कौन हो मुझे समझाने वाली कह दिया।

तुम्हारे मकान को घर बनाने में मैं खुद मकान बन बैठी।

खुद के वजूद को खुद ही भूल बैठी।

जब ठोकर लगी तो समझ आया कि यहाँ तो कोई मेरा अपना ना था।

आज सबकुछ मेरे पास है।फिर दिल कहता है।

काश तुम भी मेरे साथ होते।


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