Bindiya rani Thakur
Classics
काश कोई होता जो समझ जाता
बिन कहे भी मेरे जज्बात
जिसके लिए होती केवल मैं ही खास
मेरी खुशी उसके लिए अहम होती
मैं सर्वस्व होती उसकी और
उसके जीने की वजह होती।
होली का त्योह...
प्यारा सा साथ
मायने जिंदगी ...
रिसते जख्म
दिल पूछता है
बात आँखों की
कुछ ख़ास लम्ह...
निराश मत हो
ख़ुद को परखो
उड़ान
थक कर चूर हो गया ये शरीर का हर अंग, फिर भी जाने कहां तक चलना है। थक कर चूर हो गया ये शरीर का हर अंग, फिर भी जाने कहां तक चलना है।
अपने ही दर्पण में अपनी पहचान भूल गयी। अपने ही दर्पण में अपनी पहचान भूल गयी।
छूटेगी ना हँसी फिर लबों से कभी, भर जाएँगी खुशिया जिंदगी में सभी। छूटेगी ना हँसी फिर लबों से कभी, भर जाएँगी खुशिया जिंदगी में सभी।
मेरा क्या मुझे तो तुम्हारे सिवा कुछ भी मालूम ही नहीं। मेरा क्या मुझे तो तुम्हारे सिवा कुछ भी मालूम ही नहीं।
सदैव सुख दु:ख के साथी बनें मुश्किल हैं मिलने। सदैव सुख दु:ख के साथी बनें मुश्किल हैं मिलने।
धड़कन मेरी जब रुकने को आए लोरी सुना के मुझको सुला देना माँ। धड़कन मेरी जब रुकने को आए लोरी सुना के मुझको सुला देना माँ।
हर यादे है तेरी ऐसे हर यादे है तेरी ऐसे
उनके हर रास में भी प्रियवर बस तुम्हीं तुम नजर आए। उनके हर रास में भी प्रियवर बस तुम्हीं तुम नजर आए।
सपनों को अपनी आंखों में ही सुलाकर कल के लिए रखे हैं अरमान छुपा कर। सपनों को अपनी आंखों में ही सुलाकर कल के लिए रखे हैं अरमान छुपा कर।
बिन गुरु लागे है जीवन अधुरा गुरु ही देता जीवन को नव आकार है। बिन गुरु लागे है जीवन अधुरा गुरु ही देता जीवन को नव आकार है।
सुबह के उजाले में छिपता वो कैसा पूंज है। सुबह के उजाले में छिपता वो कैसा पूंज है।
निषादराज आ गए वहां पर राम उनको ह्रदय से लगाएं। निषादराज आ गए वहां पर राम उनको ह्रदय से लगाएं।
मिला कदम से कदम दो कदम साथ चल मेरे हमदम। मिला कदम से कदम दो कदम साथ चल मेरे हमदम।
हर समय होता था और बादल भी न रोता था। हर समय होता था और बादल भी न रोता था।
मासूमियत और अपनेपन से, ऐसा रिश्ता बना। मासूमियत और अपनेपन से, ऐसा रिश्ता बना।
जीवन गुरु भी है जीवन किताब भी है और परिस्थितियाँ उस किताब की अध्याय। जीवन गुरु भी है जीवन किताब भी है और परिस्थितियाँ उस किताब की अध्याय।
एक रह जाएगा जिसके जग भी गुण गाएगा। एक रह जाएगा जिसके जग भी गुण गाएगा।
मैं कहा दर्शा पाऊंगा मां तेरा महत्व में शब्दों में ना बता पाऊंगा। मैं कहा दर्शा पाऊंगा मां तेरा महत्व में शब्दों में ना बता पाऊंगा।
पानी में परमात्मा पानी से आत्मा पानी से खूबसूरत कायनात विश्वआत्मा। पानी में परमात्मा पानी से आत्मा पानी से खूबसूरत कायनात विश्वआत्मा।