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Bindiya rani Thakur

Classics

3  

Bindiya rani Thakur

Classics

काश कोई होता

काश कोई होता

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काश कोई होता जो समझ जाता 

बिन कहे भी मेरे जज्बात 


जिसके लिए होती केवल मैं ही खास

मेरी खुशी उसके लिए अहम होती


मैं सर्वस्व होती उसकी और

उसके जीने की वजह होती।


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