काश हम तुमसे ....
काश हम तुमसे ....
काश हम तुमसे मिले ना होते काश हमको तुमसे मोहब्बत हुई ना होती,
जबसे दिल लगाया तुमसे खोये खोये से रहने लगे है,
महफ़िलों से दूर बहुत दूर रहने लगे है तन्हाईयों से मोहब्बत सी होने लगी है,
तन्हाईयों से कुछ अजीब सा रिश्ता होने लगा है,
खुद से ही हम बातें करने लगे है हर पल हर घड़ी,
दिल ये मेरा कहीं लगता नहीं है तुझको ही तलाशते रहते है,
तुझसे ही मिलने की तमन्ना हर पल रहती है,
तुझसे मिले भी नहीं हम अब तक दूर रहकर भी पास क्यों लगते हो,
तेरे दिल की धड़कने हमको सुनाई देती है,
तुम हमको पुकार रहे हो हर पल ये हमको जाने क्यों लगता है,
मेरे आस पास ही हो तुम क्यों हर पल ये महसूस होता है,
तेरे बिन एक पल भी जीने को दिल नहीं करता,
हर पल तुमको आपने करीब करीब साये की तरह पाते है,
काश हम तुम से मिल जाये इक बार और वक्त थम सा जाए,
मिलकर तुमसे कभी हम जुदा ना हो हर पल का बंधन तुम स जुड़ जाए हमारा,
काश हमारे हर ख्वाब को खुदा पूरा कर दे,
हम तुम से तुम हम से मिल जाये हमेशा के लिए,
प्यार हमारा अधूरा ना रहे पूरा हो जाये ।
