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SHIVANI KUMARI

Drama


5.0  

SHIVANI KUMARI

Drama


काली रात अभी बाकी है

काली रात अभी बाकी है

1 min 464 1 min 464

नया मकां बना कर जो खुश हो रहे हो

फिर भी पुरानी हवेली में ही क्यों भटक रहे हो।


ज़िन्दगी सिखलाती है सबक सबको

आएगी तुम्हारी भी बारी अभी क्यों इतरा रहे हो।


जुड़ाव तुम्हारा किसी से न था

ये कौन सी कड़ी हो जो बाँधे जा रहे हो।


मेरी गलियों के जैसी होगी सुनसान तुम्हारी सड़क भी

ठहरो जरा काली रात अभी बाकी है किधर जा रहे हो।


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