Sangeeta Modi
Tragedy
कागज की कश्ती थी,
दूर कहीं किनारा था।
खुशऩसीब थे हम,
यहाँ कोई तो हमारा था।
जब डूबने लगी कश्ती,
तो कोई पास ना आया।
खुशफहमी पल में दूर हो गई,
ना हम किसी के थे,
ना कोई हमारा था।
मेरी जिन्दादि...
पिता का अनकहा...
कागज की कश्ती
आसमान छूना है...
कामयाबी की मं...
दर्द दिया जितना भी तूने, अब मेरा ही हिस्सा है। दर्द दिया जितना भी तूने, अब मेरा ही हिस्सा है।
एक किसान की आस इनसे थोड़ी उधारी मांगती है एक किसान की आस इनसे थोड़ी उधारी मांगती है
हर उम्मीद हमारी निकली साये जैसी सपनों में बावरी ना रातों में सोयी हर उम्मीद हमारी निकली साये जैसी सपनों में बावरी ना रातों में सोयी
याद आते है वो दिन, किलकारी की उतरन पहन बचपन जब बीत गया याद आते है वो दिन, किलकारी की उतरन पहन बचपन जब बीत गया
टूट गए थे सारे सपने, माँ को जाते देख हर तरफ धुंधला सा मौसम जैसे हो गया था, टूट गए थे सारे सपने, माँ को जाते देख हर तरफ धुंधला सा मौसम जैसे हो गया था,
पापा मुझे दुनिया में मत आने दो, गर्भ में ही मेरी समाधि बनवा दो। पापा मुझे दुनिया में मत आने दो, गर्भ में ही मेरी समाधि बनवा दो।
दिया ख़ुद ही बुझाकर छोड़ दिया मै गैर था उसने अपना बना के छोड़ दिया। दिया ख़ुद ही बुझाकर छोड़ दिया मै गैर था उसने अपना बना के छोड़ दिया।
मुमकिन है वक़्त हमें किसी मोड़ पर मिला दे मगर, वो वक़्त क्या होगा, कब होगा कुछ पता नहीं मुमकिन है वक़्त हमें किसी मोड़ पर मिला दे मगर, वो वक़्त क्या होगा, कब होगा कुछ प...
सर्द हवाओं की सौगात और इस मधु मास में प्रदूषण सर्द हवाओं की सौगात और इस मधु मास में प्रदूषण
वो कहते हैं, पहाड़ों की तरह, रिश्तों को भी आवाज लगाना पड़ता है, वो कहते हैं, पहाड़ों की तरह, रिश्तों को भी आवाज लगाना पड़ता है,
एक आया था साल 2020 जिसने मचा दिया था पूरी दुनिया में हाहाकार। एक आया था साल 2020 जिसने मचा दिया था पूरी दुनिया में हाहाकार।
फिर कभी मिल ना सके हम दोबारा, ऐसे जुदा किया तुम्हें। फिर कभी मिल ना सके हम दोबारा, ऐसे जुदा किया तुम्हें।
अँधियारी रात हो गई ज़िन्दगी जिसकी न कोई मंजिल, न ठिकाना। अँधियारी रात हो गई ज़िन्दगी जिसकी न कोई मंजिल, न ठिकाना।
साँवली सी रात आई लेकर कुछ ख़्यालात, उनींदी सी पलकें और बिखरते जज़्बात। साँवली सी रात आई लेकर कुछ ख़्यालात, उनींदी सी पलकें और बिखरते जज़्बात।
पांचाली छली गयी, संपत्ति सा व्यवहार हुआ. पांचाली छली गयी, संपत्ति सा व्यवहार हुआ.
बारिश की ये बूंदें सावन की रिमझिम फुहारें मन में करें हिलकोरें बारिश की ये बूंदें सावन की रिमझिम फुहारें मन में करें हिलकोरें
शेर के घातक जबड़े शिकार की तलाश में कसे हैं। शेर के घातक जबड़े शिकार की तलाश में कसे हैं।
आज मनुष्यता पर प्रश्नचिन्ह की तलवार अटकी हुई है। आज मनुष्यता पर प्रश्नचिन्ह की तलवार अटकी हुई है।
ये वादियां ये घाटियां गवाह हैं प्रकृति के अनूठे सृजन के लिए. ये वादियां ये घाटियां गवाह हैं प्रकृति के अनूठे सृजन के लिए.
जो कभी साथ-साथ चले, मिट गए वो कदमों के निशान भी, जो कभी साथ-साथ चले, मिट गए वो कदमों के निशान भी,