Sangeeta Modi
Inspirational
कदम दर कदम बढ़ता चला हूं मैं,
मुश्किलें राहों की दूर करता चला हूं मैं,
नहीं मिलती कामयाबी आसानी से,
सीढ़ी दर सीढ़ी कामयाबी की,
चढ़ता चला हूं मैं।।
मेरी जिन्दादि...
पिता का अनकहा...
कागज की कश्ती
आसमान छूना है...
कामयाबी की मं...
वरना अमीर, नवाब जो न पा सके सुकून वो एक फकीर ने दे दी। वरना अमीर, नवाब जो न पा सके सुकून वो एक फकीर ने दे दी।
समय बड़ा ही अनमोल, जैसे हीरा कोहीनूर व्यर्थ बर्बाद किया तो, मंजिल हो जाएगी दूर! समय बड़ा ही अनमोल, जैसे हीरा कोहीनूर व्यर्थ बर्बाद किया तो, मंजिल हो जाएगी दूर...
माथे की बिंदी सा, रंग लाल रज का, मेरा सम्मान है.. माथे की बिंदी सा, रंग लाल रज का, मेरा सम्मान है..
माँ ने पूछा कोख में पल रही अपनी नन्ही बिटिया से, कैसी है तेरे सपनों की दुनिया? माँ ने पूछा कोख में पल रही अपनी नन्ही बिटिया से, कैसी है तेरे सपनों की ...
होता नहीं एक सा समय धैर्य रख चिंता में ना डोल मनुष्य जीवन अनमोल इसे माटी में ना घोल। होता नहीं एक सा समय धैर्य रख चिंता में ना डोल मनुष्य जीवन अनमोल इसे माट...
न अबला हूं न बेचारी, जगत की जिंदगानी हूं। न अबला हूं न बेचारी, जगत की जिंदगानी हूं।
धरती माँ की जितनी, तूपालना करता जाएगा बदले में हजार गुणा सुख, धरती माँ से पाएगा। धरती माँ की जितनी, तूपालना करता जाएगा बदले में हजार गुणा सुख, धरती माँ से पाए...
समझ कुदरत के इशारों को लापरवाही ज़रा छोड़ दे समझ कुदरत के इशारों को लापरवाही ज़रा छोड़ दे
अन्नदाता का धरा पर, मान होना चाहिए।। अन्नदाता का धरा पर, मान होना चाहिए।।
साफ- स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए , स्वच्छता के प्रति नवजागरण चाहिए। साफ- स्वच्छ प्रकृति का कण-कण चाहिए , स्वच्छता के प्रति नवजागरण चाहिए।
प्रबीर हो जयी बनो- जय हिन्द कहे चलो, तुम भारत के वीर हो बढ़े चलो बढ़े चलो। प्रबीर हो जयी बनो- जय हिन्द कहे चलो, तुम भारत के वीर हो बढ़े चलो बढ़े चलो।
मुस्कान ये धरा पर हम सबकी बेटियाँ। वरदान है प्रभु का ये हमारी बेटियाँ! मुस्कान ये धरा पर हम सबकी बेटियाँ। वरदान है प्रभु का ये हमारी बेटियाँ!
गलती से फैली बीमारी, कोरोना है सब पर भारी। गलती से फैली बीमारी, कोरोना है सब पर भारी।
संकट की घड़ियाँ बीतेंगी, जो खोया फिर मिल जाएगा। मत डरो बंधु संयम रखो सब पुनः ठीक हो । संकट की घड़ियाँ बीतेंगी, जो खोया फिर मिल जाएगा। मत डरो बंधु संयम रखो सब...
अज्ञान का अंधकार मिटाकर, ज्ञान का दीपक जलाता है! अज्ञान का अंधकार मिटाकर, ज्ञान का दीपक जलाता है!
आज हिंदी भी अपने माँ-बाप की बेटी हो चली है। आज हिंदी भी अपने माँ-बाप की बेटी हो चली है।
चलो जलाएं एक दीया, नफ़रत की तिमिर मिटाने को, प्रेम के पुष्प खिलाने को! चलो जलाएं एक दीया, नफ़रत की तिमिर मिटाने को, प्रेम के पुष्प खिला...
कर कुछ ऐसा काम कि ज़िंदगी में हो तेरी एक अलग पहचान। कर कुछ ऐसा काम कि ज़िंदगी में हो तेरी एक अलग पहचान।
बुद्धं शरणं गच्छामि धम्मं शरणं गच्छामि। बुद्धं शरणं गच्छामि धम्मं शरणं गच्छामि।
संशय है जहरीला धोखा, इसे कभी मत खाना अपने मन को उहापोह की, स्थिति में ना लाना! संशय है जहरीला धोखा, इसे कभी मत खाना अपने मन को उहापोह की, स्थिति में ना लाना...