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Kamini sajal Soni

Romance

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Kamini sajal Soni

Romance

जियरा लहर लहर लहराए

जियरा लहर लहर लहराए

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बरसानें मैं उड़ रही है गुलाल

हुए गोपियों के गाल लाल लाल।

जियरा लहर लहर लहराये

कान्हा जब डालें रंग गुलाल।


कंचन थाल में सजाके रंग

चली सखियां सब नंद के द्वार।

खेलने रंग रंगीली होली

जियरा लहर लहर लहराए।


मोहन मुरलीधर हंसकर आए

संग लिए सखा समाज।

जियरा लहर लहर लहराए

कान्हा जब डाले रंग गुलाल।


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