जिंदगी
जिंदगी
जिंदगी जिंदगी है, कोई खेल नहीं
सहारा हाड़ मांस का भी है,
केवल सांसो का मेल नहीं।
जीवन बहने का नाम है,
धारा नदिया सी तमाम है।
हरियाली है बागों की,
यह केवल पेड़ नहीं
जिंदगी जिंदगी है कोई खेल नहीं।
सागर की मौजो सी
इतराती है चलती।
तूफानी थपेड़ों से बचती संभलती,
मंजिल है सांसों की
बस पथ की रेल नहीं,
जिंदगी जिंदगी है कोई खेल नहीं।
