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Saini Nileshkumar

Tragedy

4  

Saini Nileshkumar

Tragedy

जिंदगी

जिंदगी

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चुनौतियां एक ज़रिया है 

जिंदगी तो खुद ही एक असफलता है 

जन्म से ही कोई सफल थोड़ी होता है 


गौर कर तू अगर उस 

असफलता मे ही कही सफलता है 

बस शुरुआत तू जे 'अ' से करनी है 


लम्बी होंगी राह, धुप भी बोहोत होंगी 

जब जले पाँव जरा उस धरती को भी 

देखना एक बार धूप का जवाब वो 

भी गर्म होके देती है 


पार कर ले इस राह को 

सफलता तेरे कदम पर आकर रुकेंगी।


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