STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract

4  

Kavita Sharrma

Abstract

जिंदगी -किताब

जिंदगी -किताब

1 min
218

खुली किताब अपने शब्दों से 

बांध लेती है पढ़ने वाले को

सरलता से अर्थ को बंया कर

मर्म को दिल तक पहुंचा देती है

हमारी जिंदगी भी खुली किताब

की तरह हो तो रिश्तों में अर्थ के

कारण, समझने में कठिनाई न हो

भावों की सरलता भी बहती रह सके।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract