STORYMIRROR

Baba Baidyanath Jha

Inspirational Others

4  

Baba Baidyanath Jha

Inspirational Others

"ज़िन्दगी खेल नहीं"

"ज़िन्दगी खेल नहीं"

1 min
379

पाकर कुछ उपलब्धियाँ, करें नहीं अभिमान। 

खेल नहीं यह ज़िन्दगी, रहे हमें यह ध्यान।।  

 

रहे हमें यह ध्यान, व्यर्थ मत होए जीवन।

हों उत्तम सब कार्य, क्षणिक होता है यौवन।। 


जाना है प्रभु पास, कहेंगे क्या हम जाकर। 

खेल समझ कर व्यर्थ, गँवाएँ मत तन पाकर। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational