STORYMIRROR

Baba Baidyanath Jha

Romance

2  

Baba Baidyanath Jha

Romance

बिन फेरे हम तेरे

बिन फेरे हम तेरे

1 min
264

जब से देखा हो गया, बहुत बुरा ही हाल। 

बिन फेरे मैं बन गया, तेरा ही तत्काल।।


तेरे ही तत्काल, बहुत मुश्किल अब जीना।

मेरा पूरा चैन, भला क्यों तू ने छीना। 


कभी न टूटे प्रेम, यही विनती है रब से। 

तब से जीवन धन्य, भेंट तुझ से थी जब से।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance