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Baba Baidyanath Jha

Romance

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Baba Baidyanath Jha

Romance

बिन फेरे हम तेरे

बिन फेरे हम तेरे

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जब से देखा हो गया, बहुत बुरा ही हाल। 

बिन फेरे मैं बन गया, तेरा ही तत्काल।।


तेरे ही तत्काल, बहुत मुश्किल अब जीना।

मेरा पूरा चैन, भला क्यों तू ने छीना। 


कभी न टूटे प्रेम, यही विनती है रब से। 

तब से जीवन धन्य, भेंट तुझ से थी जब से।।


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