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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Tragedy Inspirational

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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Tragedy Inspirational

जिंदगी धुआँ नहीं

जिंदगी धुआँ नहीं

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दम निगल रहा है फिर भी 

मुस्कुराते हो लबों शान है।।

साहब हर कस मिटते धुआँ

आसमां उड़ाते अभिमान है।।

सूट बूट पहने खानदानी

कान्वेंट की शिक्षा

जनटेल मैंन नादान अंजान है।।

जाने कितने आदर्श बनाते है

फिक्र नहीं कोई क्या सोचता सिगरेट

सिगार से प्रदूषण फैलाते है।।

जवां तुम भी जवां बीबी जवां

जज्बे में जोड़ी जवां जोश हर हद

लांघ जाते है।।


जोश इतना धूम्रपान की राख

साथ शराब नशे के बाजीगर

नशा का मजा कुछ खास है।।

दम निगल रहा है फिर भी 

मुस्कुराते हो लबों शान है।।

साहब हर कस मिटते धुआँ

आसमां उड़ाते है।।

जवां तुम भी जवां बीबी जवां

जज्बे में जोड़ी बाघ लगते हो।।


इंसा पहले बीड़ी सिगरेट जलाता है

फिर धुम्रपान खुद इंसा जलाता है।।

खूबसूरत हैंडसम क्या दिन था

जब बाजुओं में था दम दो चार

सीढ़ी कदम पर हांफ जाते धुएं

के जहर जिगर जान जलता है।।

हर धुएं की कस में मौत को 

पास बुलाते हो जिंदगी मौत से

बदत्तर फिर भी कस उड़ाते हो

जिंदगी धुआँ नहीं कस नहीं 

जिंदगी प्यार आदर्श ईमान का इंसा है।।



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