Anand Barotia
Tragedy Inspirational
अगर ज़िंदगी इक,
एक रुपए का नोट है तो,
मेरी गवाही में एक
अजब बात हो गई है
रुपया हाथ मे आने से पहले ही,
बचपन की अठन्नी खो गई है।
बातें बिन आवा...
पहुँच जाओगे
बस कागज़ सब का...
कल का आज
दिव्य दृष्टि
कांच में आदमी
रौशनी की राख़
वो आ पहुँचे
वो आ जाएंगी
ख़ुद के बाद
गैरों की महफ़िल से क्या डरना सनम, लूटा तो हमें अपनों ने था। गैरों की महफ़िल से क्या डरना सनम, लूटा तो हमें अपनों ने था।
बच्चे पिता के संग रहते जल्दी समझदार हो जाते हैं! बच्चे पिता के संग रहते जल्दी समझदार हो जाते हैं!
निज शरीर सदैव सुखा रहा सुख अनूप सदैव लुटा रहा॥ निज शरीर सदैव सुखा रहा सुख अनूप सदैव लुटा रहा॥
बेकार की वस्तु समझ एक एक कर सब छोड़ जाते हैं उसे.. बेकार की वस्तु समझ एक एक कर सब छोड़ जाते हैं उसे..
ले माला विरहनी से, चल दी हँसिनी नदिया पार।। ले माला विरहनी से, चल दी हँसिनी नदिया पार।।
आज मैं तुम्हारे विवाह के बाद एकाकी हो जाऊँगा। आज मैं तुम्हारे विवाह के बाद एकाकी हो जाऊँगा।
अपने ही मुकद्दर को क्यों कोसते हो अपने ही मुकद्दर को क्यों कोसते हो
मुझे ही आना पड़ेगा तुम्हारे पास मेरे ना होने की ख़बर देने..! मुझे ही आना पड़ेगा तुम्हारे पास मेरे ना होने की ख़बर देने..!
हे मनुष्य यंत्रों से काम करना ग़लत नहीं है पर...पर आप यंत्र मत बनो...... हे मनुष्य यंत्रों से काम करना ग़लत नहीं है पर...पर आप यंत्र मत बनो........
कुछ भी करने से पहले अपने मां-बाप को याद कर लेना। कुछ भी करने से पहले अपने मां-बाप को याद कर लेना।
मेरी मां शायद आज मेरे लिए सोने की गेंद लाई है। मेरी मां शायद आज मेरे लिए सोने की गेंद लाई है।
डर लगता है मुझको जमाने से बहुत अपने ही अपनो को डसे जा रहे हैं। डर लगता है मुझको जमाने से बहुत अपने ही अपनो को डसे जा रहे हैं।
जो चुभते है दिल को मेरे जलाते भी है ये जलजले। जो चुभते है दिल को मेरे जलाते भी है ये जलजले।
लाश बन कर हि जैसे जी रही में आखिर क्यों ब्याह दी में ? लाश बन कर हि जैसे जी रही में आखिर क्यों ब्याह दी में ?
जो लुटेरों के चुनाव में जीत जाने के बाद उनके चरणों में बिछाए गए। जो लुटेरों के चुनाव में जीत जाने के बाद उनके चरणों में बिछाए गए।
बच्चों का मन तृप्त नहीं होता, फिर भी ये सदा त्याग करते हैं। बच्चों का मन तृप्त नहीं होता, फिर भी ये सदा त्याग करते हैं।
क्या देखता है सबको तू सबसे अलग है। क्या देखता है सबको तू सबसे अलग है।
जी सकेगें कब शान्तिपूर्ण जीवन सामन्य परिवार के संग ये वीर योद्धा हमारे।। जी सकेगें कब शान्तिपूर्ण जीवन सामन्य परिवार के संग ये वीर योद्धा हमारे।।
कांटों का संघर्ष, दे ताज फूलों का राजा कांटों का संघर्ष, दे ताज फूलों का राजा
जो हृदय के कोर-कोर में सदा सर्वदा बस जाए ! जो हृदय के कोर-कोर में सदा सर्वदा बस जाए !